KYC Kya Hai ? यह किस प्रकार महत्वपूर्ण है ?

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KYC Kya Hai
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KYC Kya Hai ? यह किस प्रकार महत्वपूर्ण है ?

KYC यानी Know Your Customer जो की कुछ लोगों के लिए Insignificant लग सकता है पर KYC का Business की दुनिया में बेहद महत्वपूर्ण अर्थ है। कुछ समय में KYC Policies Expanding हुई है और वे Globally बहुत महत्वपूर्ण भी हैं।

Corruption, Terrorist, Financing, और Money Laundering से जुड़े Issues मे Prevalent  होने के साथ, KYC  Policies अब International Finance Field में Illegal लेनदेन से निपटने के लिए एक Important Tool के रूप में Developed  हो गई हैं।

KYC Companies को यह Ensure करने की अनुमति देता है कि वे Legally रूप से और Legitimate Institution  के साथ Business कर रहे हैं। यह उन व्यक्तियों को भी Protect करता है, जिन्हें Financial Crime से नुकसान हो सकता था

कई Financial Institutions, Basic Data Collect करते है. अपने Customers के बारे में Information Collect करते है और Ideally रूप से Electronic Identity Verification का उपयोग करके अपनी KYC  प्रक्रिया शुरू करते हैं। कुछ देश इसे  Customer Identification Program भी कहते हैं।

KYC Kya Hai ?

KYC Banking और Financial Field में Use होने वाला एक Popular शब्द है। अपने Customer की Identity से संबंधित जानकारी प्राप्त करने के लिए KYC method का प्रयोग किया जाता है।

इस माध्यम से Financial Institutions Notifications का Collection करते हैं, जिसके Base पर Customer की Identity और उसके सारी सही जानकारी प्राप्त की जाती है।

सभी तरह के Banks और Companies KYC के बड़े Supporters बन गए हैं। अब Banking Institutions, Credit Companies और Insurance Agencies के लिए आम बात है कि उनके Customers को यह Ensure करवाना होता है, की उन्हें Corruption, Bribery, या Money Laundering के साथ Involved नहीं किया जा सके। इसलिए इसकी सारी जानकारी Provide करनी होगी

KYC दो प्रकार के होते हैं :

  • Aadhaar based KYC
  • In-Person Verification KYC

Aadhaar based KYC Customer को अपने Aadhaar Details Online का उपयोग करके KYC करने की अनुमति देता है  हालांकि, उसे केवल Rs 50,000 निवेश करने की अनुमति है।

Customer अपने घर में KRA ( KYC Registration Agency ) के Executive को बुलाकर Aadhaar-Biometrics के द्वारा Aadhaar-Biometrics के लिए या फिर किसी KYC Kiosk पर जा सकता है।

कुछ Mutual Fund House Clients  को Video Call  के Through अपना IPV KYC करवाने की Permission देते हैं, जहां उन्हें अपनी Basic Identity और Address का Proof  दिखाना होता है। 

KYC  क्यों Important  है ?

KYC का उद्देश्य चोरी या को Identify करना, Terrorist Financing, Money Laundering और Financial Fraud को रोकना है। KYC Financial Institution को Customer को Better ढंग से समझने और Prudently Risks को Manage करने की Permission देता है। KYC  Customers  के Basic Details को Collects और Verifies करता है.

  • नाम और Authorized Signatures
  • Institution या व्यक्ति की Legal status
  • Beneficial Controllers और खाते के मालिकों की Identity 

KYC कैसे काम करता है ?

एक Backer को अपने Passport (US  के Citizens के लिए ID या Driver’s  का License) की एक Scan Copy भेजनी होगी और एक Selfie (अपने हाथों में Document को पकड़े) बनाना होगा।

यह एक Fake Identity या Duplicate Account का उपयोग करने से बचने में मदद करता है। कभीकभी, Residency या Other Documents की पुष्टि की आवश्यकता हो सकती है।

KYC क्यों जरूरी है ?

आपने देखा होगा कि बैंक और Financial Institution अक्सर आपसे KYC Update करने को कहते हैं। KYC Banking और Finance  की एक ख़ास Term है जिसका मतलब है KNOW YOUR CUSTOMER KYC का प्रयोग Customer की Identity और उसके Address को Verify  करने के लिए जरूरी है

आपको बता दें Bank Account खोलने, Mutual Fund Account खोलने, Bank Lockers खोलने, On-Line Mutual Funds खरीदने और सोने में Investment करते समय KYC अनिवार्य है।

अक्सर Customer अपनी KYC Updates कराने को Seriously नहीं लेते लेकिन ये Banks और Financial Institutions के लिए बहुत जरुरी है।

इससे Customer की पूरी Identity और घर के Address  की जाँच हो जाती है ताकि कोई fraud और जालसाजी ना हो पाए और अगर हो तो उसकी जाँच में आसानी हो।

KYC के लिए Important  Documents क्या हैं ?

KYC के लिए Certified Documents में सरकार ने 6 तरह के Documents को इसमें शामिल किया है और जब भी Bank KYC Updates करने के लिए Customer से Documents मांगे तो Customer की पहचान के लिए इन्ही 6 Documents में से जरुरी Documents बैंक को देने होते हैं ताकि Customer की Identity और उसके Address को Verified किया जा सके।

ID Proof :

  • PAN Card
  • Driving license 
  • Passport Copy
  • Voter ID
  • Aadhaar Card
  • Bank Photo Passbook

Address Proof :

  • Recent landline या mobile bill,
  • electricity bill
  •  passport copy
  • Demat account statement
  • latest bank passbook
  • राशन कार्ड,
  • Voter ID,
  • Driving License
  • Aadhaar card

KYC Online कैसे करें ?

KYC Online करने के दो तरीके हैं :

  • Aadhaar OTP 
  • Aadhaar based Biometric KYC

Aadhaar OTP एक व्यक्ति को KYC को मिनटों में आसानी से पूरा करने की Permission देता है जबकि Aadhaar based Biometric KYC में व्यक्ति को KYC के लिए Online Apply करना होता है और KRA से एक Executive आपके घर Biometric verification के लिए आता है।

अपना KYC Online  करने के लिए नीचे दिए गए चरणों का पालन करें :

Step 1: किसी भी KRA (KYC Registration Agency) या एक Fund House की Website पर जाएं

Step 2:  कुछ KRA इस प्रकार हैं – NDML , CAMS , कार्वी , CVL और NSE

Step 3:  अपना Record details  करें जैसा कि आपके Aadhaar Card में Described है

Step 4:  Aadhaar के साथ Registered Mobile Number पर भेजे गए OTP दर्ज करें।

Step 5:  अपना Application Submission करें

Step 6:  UIDAI के साथ Verified होने के बाद, KRA आपके KYC को मंजूरी देता है

Step 7: आप अपने Pan का उपयोग करके KRA के Portal पर जाकर अपने KYC Request की स्थिति को Check  कर सकते हैं।

KYC Offline कैसे करें ?

एक Customer KYC Offline भी कर सकता है। हालाँकि,  Approved किए जाने में 7 दिन तक का समय लग सकता है। KYC Offline करने के लिए आपको नीचे बताए गए चरणों का पालन करना होगा:

KYC FORM DOWNLOAD  करें और भरें

अपने Base /  PAN Details का Mention करें

KRA Office पर जाएं और Application Submission करें

Application के साथ Identity का Proof और Address का Proof  को Attached करें

आपको कुछ Cases में अपने Biometrics  भी जमा करने पड़ सकते हैं

आपको एक Application No. मिलेगी जिसका उपयोग KYC की स्थिति को Check  के लिए किया जा सकता है

E-KYC Kya Hai ?

e-KYC का मतलब Electronic KYC से है। e-KYC केवल उन लोगों के लिए Possible है जिनके पास Aadhaar numbers  है। e-KYC  service का Use करते समय, आपको India Unique Identification Authority (UIDAI) को स्पष्ट सहमति से, Bank Branches / Business Correspondent को Biometric Authentication के जरिये से अपनी Identity / Address जारी करने के लिए Authentication करना होगा।

UIDAI फिर आपके Data को Name, Age, Gender, और व्यक्ति की Photo को Electronically रूप से Bank Branches/Business Correspondent  में Transfers करता है। इस प्रकार e-KYC Process  से दी गई Information को PML Rules के तहत Officially Valid Document  के रूप में माना जाता है और KYC Verification के लिए एक Valid Process है।

आधार e-KYC

e-KYC एक कागज रहित (Paperless) KYC Process होती है, जो आपकी पहचान (ID proof), पता (Address proof) Other Details का Proof Electronic  से Certified (Authentication) कर देती है। इसमें, किसी व्यक्ति के Body लक्षणों (Biometrics) की मिलान, उसके Aadhaar Database में Present लक्षणों से की जाती है।

Biometrics का सबसे प्रचलित और आसान तरीका है fingerprints.  सारे सरकारी और Private कंपनियां जैसे कि Phone Companies, Financial Institutions, Banks, Investment Institutions, Controlling Institutions (Regulatory Institutions) वगैरह Aadhaar e-KYC का प्रयोग भी करने लगे हैं।

e-KYC के उपयोग

व्यक्तिगत पहचान के लिए (Individual) : e-KYC का सबसे Primary Level का उपयोग होता है, व्यक्ति की पहचान को Verifiy करना। जैसे कि, Mobile SIM के लिए या Reserved Category की रेल यात्रा में Actual Ticketholder की पहचान तय करना। मतलब ये कि आपने अपना और अपने पिता का जो नाम बताया है वो सही है या नहीं

Banking, Financial Transactions  में (Financial/Banking transaction) : Bank में Account खुलवाने या Transactions  के लिए, Stock Market, Mutual Funds  वगैरह में Investment के लिए Account खुलवाना। इन मामलों में KYC इसलिए जरूरी होता है ताकि कोई व्यक्ति सिर्फ अपने नाम से ही Investment कर सके। इससे हर व्यक्ति का liability तय होती है और Black Money पर रोक लगती है।

Bank account  बंद होने पर : अगर आपका Bank खाता लेनदेन नहीं करने की वजह से बंद कर दिया गया है तो उसे फिर से चालू कराने के लिए आपको फिर से KYC प्रक्रिया से गुजरना होगा

Legal Process में : Legal Process  में किसी property या अन्य लाभ पर अपनी Bid Confirmed करने के लिए e-KYC का उपयोग काम में आने लगा है। Criminal Cases  में Finger Print, DNA Matching वगैरह भी e-KYC के ही भेद होते हैं।

सरकारी Administrative कामों में : Employees  की Finger Print की मदद से Attendance Confirmed  करना। Subsidy, Epf, Pension, Insurance आदि के लाभ सही लाभार्थियों तक पहुंचाना सुनिश्चित करना।

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