Story of Akbar Birbal – बात कहने का ढंग

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Story of Akbar Birbal बात कहने का ढंग

Story of Akbar Birbal बात कहने का ढंग

 

एक बार जब बादशाह अकबर गहरी नींद में थे तो सुबह के समय उन्हें सपना आया की उनके सारे दांत गिर गये है और एक ही दांत बचा है. जिसके कारण बादशाह अकबर बैचैन हो उठे और अपने सुबह के इस सपने का जिक्र उन्होंने दरबार में किया.

सभी ने उन्हें ज्योतिषी से इस सपने के पीछे का कारण पूछने का सुझाव दिया. जिसके बाद दरबार में ज्योतिषी को बुलाया गया और सब बात बताई गयी.

ज्योतिषी ने सब बात को समझने के काफी देर सोच विचार के बाद कहा , ” महाराज .. सपने का अर्थ अच्छा नहीं है. ”

अकबर ने चिंतित होते हुए पूरी बात जल्दी बताने को कहा. जिस पर ज्योतिषी बोला :”महाराज .. आपके सारे दांत आपकी सेना और सगे सम्बन्धी है जो की जल्दी ही आपका साथ छोड देगे जिसके बाद बचा हुआ दांत आप है जो अकेला रह जायेगा ”

 

बादशाह अकबर को ये सुनकर बहुत गुस्सा आया. उन्होंने उस ज्योतिषी को दरबार से निकलवा दिया और दुसरे ज्योतिषी को बुलाने का आदेश दिया.

 

बीरबल ने दुसरे ज्योत्षी को सब समझा दिया जिसके बाद वह दरबार में पहुचा. फिर से सपने को बताया गया और कुछ पन्ने पलटने के बाद ज्योतिषी बोला : ” महाराज , सपना बेहद ही अच्छा है ”

अकबर ने ख़ुश होकर सपने का अर्थ जल्दी बताने को कहा , ज्योत्षी बोला ” महाराज .. इस सपने का अर्थ है की आपकी उम्र इस राज्य के हर व्यक्ति से ज्यादा है. आप काफी लम्बी आयु वाले है और काफी लम्बे समय तक शान से राज करेगे ”

 

ज्योतिषी की बात सुनकर अकबर बेहद खुश हुआ और उसने ज्योतिषी को इनामो के साथ विदा किया. बीरबल की समझायी बात ज्योतिषी के काफी काम आयी.

 

दरअसल , किसी को भी कडवी और सच्ची बात सुनना अच्छी नहीं लगती. लेकिन बुद्धिमान व्यक्ति वह है जो अपनी कडवी बात को भी ऐसे बोले जिस से सुनने वाले को बुरा न लगे.

 

 

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