Today’s Education System in India | कडवा सच

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Today's Education System in India
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Today’s Education System in India

पिछले कुछ दिन पहले Apple के को-फाउंडर Steve Wozniak ने भारत की शिक्षा पद्यति पर कई सवाल उठाये. जिसके बाद ट्वीटर पर उनके ट्वीट को जबाब करने के लिए घमासान मच गया. Steve Wozniak ने भारत के लोगो के लिए सफलता का नजरिया अलग बताते हुए कहा , की भारत में लोग शिक्षा जानकारी और क़ाबलियत के लिए नहीं बल्कि एक अच्छी जॉब हासिल करने के लिए लेते है. जिसके बाद उनका मकसद शादी और अपने जीवन में एक गाड़ी लेने का होता है और इसे ही वह सफलता मान लेते है.

Steve Wozniak सिर्फ यहीं नहीं रुके , जब उन्हें बड़े बड़े लोगो ने भारत की तरफ से जबाब देना शुरू किया तो उन्होंने यह भी कह दिया की भारत में इनोवेशन यानी नयी खोज और बदलावों की कमी है. यहाँ की IT कम्पनी इनफ़ोसिस भी एक सीमा से आगे कभी नही बढ़ सकती.

अब सवाल यह नही है की एप्पल के को-फाउंडर ने यह क्यों कहा , प्रश्नचिन्ह Today’s Education System in India को लेकर है. क्या हम सभी सच में ही सिर्फ नौकरी पाने को लेकर ही पढाई तो नहीं कर रहे ?

शायद आप भी हमारे से इत्तेफाक रखे की यह बात काफी हद तक सच है हमारे दिमाग में पढाई का उद्देश्य कुछ नया या अलग करना नहीं बल्कि एक ठीक ठाक नौकरी पाने का होता है. कहीं न कहीं आप भी अपने बच्चे को डाटते समय यह बोल रहे होते है की अगर पढेगा लिखेगा नहीं तो कौन नौकरी देगा ? क्या करेगा ? ठेला चलाएगा.

दरअसल , हम अपने बच्चो के दिमाग में शुरू से ही नौकरी करने की बात को डाल देते है बाकी रही सही कसर Today’s Education System in India पूरी कर देता है. हो सकता है Today’s Education System in India लेख में आज आप हमसे इत्तेफाक न भी रखे लेकिन कहीं न कही Steve Wozniak की बातों से हम इत्तेफाक रखते है की भारत में लोग अच्छी नौकरी हासिल करने को सफलता का स्वर देते है.

Today’s Education System in India में बात करते है कुछ ऐसे बिन्दुओ पर जो Today’s Education System in India पर प्रश्न चिन्ह लगाते है.

सबसे पहले आज के समय स्कूल कॉलेज में बच्चे को बस अच्छे नंबर लाने के लिए बताया जाता है जिसके लिए फिर चाहे उसे रट्टा मारना सिखाया जाए या फिर किसी भी प्रकार से उसके असाइनमेंट को सबमिट करवाना , कार्ड पर लिखे नंबर माता पिता और टीचर को खुश करते है बच्चे की जानकारी या क़ाबलियत नही.

हमारे Education System में नये प्रयोगों के लिए कोई जगह नही है. यहाँ तक की किसी प्रदर्शनी या अन्य आयोजन के समय भी बच्चे को दिया गया प्रोजेक्ट , मॉडल या चार्ट भी बाज़ार से खरीद दिया जाता है या फिर कोई बड़ा भाई बहिन बना के दे देता है.

सिर्फ इतना ही नही , अक्सर ऐसा भी होता है की यदि बच्चे ने अपने मन से कोई उत्तर लिख दिया तो उस उत्तर के सही होने के बाद भी टीचर उस बच्चे की सराहना करने की बजाय डाट देता है की उसने वह उत्तर क्यों नही लिखा जो लिखवाया गया है.

हमारे देश में काफी जगह अंग्रेजी पढाने वाले टीचर्स का आलम यह है की वह खुद ही अंग्रेजी से अच्छी तरह वाकिफ नही है. बच्चो का व्यक्तित्व सुधारने के लिए रखा गया टीचर खुद बोल चाल और लहजे नहीं जानता.

अक्सर ऐसा होता है , इंटर पास कर चुके छात्र को बैंक में फॉर्म भरना नहीं आता , एप्लीकेशन लिखने से पहले कई बार सोचना पड़ता है. तकनीकी ज्ञान का बेहद अभाव और अंग्रेजी में हाथ तंग के साथ साथ हिंदी भी अच्छी तरह से नही बोल पाते. आज यदि आप 10 बच्चो को एक साथ बिठा कर उनसे 69 , 79 , 89 हिंदी में बुलवाए तो 10 में से 7 बच्चे एक बार में जबाब नहीं दे पायेगे.

Today’s Education System in India बेहद ही चिंता का विषय है. लेकिन यदि आप आज भी सत्या नाडेला , सुन्दर पिचाई , इंदिरा नूयी को छाती ठोक कर भारतवर्ष का कहते हुए अभिमान करते है तो जरा एक बार सोचिये क्या इनकी शिक्षा भारत में हुयी है ? क्या इन्होने पढ़ाई इस तरह की है जिस तरह हमारे देश का Education System है ?

शायद कुछ लोगो को बुरा लगे लेकिन सच यह है की यदि सत्या नाडेला , सुन्दर पिचाई , इंदिरा नूयी जैसे सफल लोग भारत में रह कर इस Education System के साथ पढ़ाई करते तो वह विश्व में यह ऊचाइयां हासिल नहीं कर पाते.

गुरुकुल के दौर में छात्रों को प्रयोगात्मक शिक्षा देने का चलन था उन्हें शस्त्र आदि चलाना , अनाज खुद काटना , युद्ध इत्यादि सिखाया जाता था लेकिन आज के समय में यदि आप तकनीकी शिक्षा की बात करे तो कंप्यूटर की किताबे 3 साल पहले भी वहीं थी जो आज है ऐसे में दिन प्रतिदिन आ रही नयी तकनीक को बच्च्चा कैसे जान पायेगा ?

हमारी नजर में Today’s Education System in India बेहद खराब है. जिसमे छात्रों को डिग्री तो मिल रही है लेकिन उनमे कुछ नया या अलग करने की क्षमता विकसित नही हो पाती. यही कारण है की एक समय पर व्यवसायियों की तादाद ज्यादा होने के बाद आज भारत में नौकरी पेशा लोगों की तादाद अधिक होती जा रही है.

Today’s Education System in India से जुडी आप अपनी राय हमे नीचे कमेंट बॉक्स में जरुर बताये. यह लेख डॉक्टर पाटनी की विडियो से लिया गया है जिसके पीछे का कारण है की हम उनकी बातों से Today’s Education System in India पर पूरा इत्तेफाक रखते है और उम्मीद करते है जल्द ही इसमें कुछ ऐसे बदलाव देखने को मिले जिनसे हमारे देश में युवा नौकरी की जगह कुछ नया और अलग करने की दिशा में बढ़ेगे.

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