Facts about Navratri | नवरात्रि से जुड़े तथ्य

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Navratri
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Facts about Navratri :

 

NAVRATRI , हिन्दुओं के मुख्या त्योहारों में से एक त्यौहार ‘ नवरात्रि ‘ जो की दुर्गा माँ को समर्पित किया जाता है. 9 दिन के इस त्यौहार में लोग दिल से अपनी अपनी मन्नत मानते है और इन दिनों में लोग नंगे पाँव रहते है , बाल नाखून नहीं काटते , नंगे पाँव माता के मंदिर जाते है आदि . साथ ही माता का यह त्यौहार डांडिया और गरबा नृत्य से भी जुड़ा है. आइये आज हम बात करते है नवरात्रि से जुड़े कुछ ऐसे ही तथ्यों की जिन्हें शायद आप पहले न जानते हो.

 

  • दो शब्दों से मिल कर बने इस तोहार का अर्थ है की ” नौ राते ” . जो की साल में दो बार मनाई जाती है.
  • NAVRATRI के साथ ही सर्द और बसंत ऋतु का आगमान होता है.
  • गुजरात और मुंबई में नवरात्रि के दिनों में गरबा नृत्य किया जाता है जो की विश्व में काफी प्रसिद्ध है.
  • बंगाल का सबसे बड़ा त्यौहार नवरात्रि (NAVRATRI) है , जहां 9 दिनों तक दुर्गा माँ की पूजा बेहद ही धूमधाम के साथ की जाती है.
  • यदि कोई कन्या आपको नवरात्रों में सिक्का देती है तो वह काफी शुभ माना जाता है. उसे खर्ज करने की बजाय हमेशा अपने पास सम्भाल के रखना चाहिये.
  • साथ ही एक तथ्य यह भी है की यदि नवरात्रों में आप सफ़ेद रंग के सांप को देखते है तो वह लक्ष्मी के आने का संकेत होता है.
  • नवरात्र का हर दिन माता शक्ति के 9 रूप को दर्शाता है. दुर्गा , भद्रकाली , जगदम्बा , अन्नपूर्णा , सर्वमंगला , भैरवी , चंडिका , ललिता , भवानी , मुकाम्बिका.

 

क्या आप जानते है , डांडिया और नवरात्र का कनेक्शन ?

 

NAVRATRI
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दरअसल , डांडिया के जरिये देवी और असुरों के बीच की लड़ाई का नकली मंचन किया जाता है , जिसके कारण इसे तलवार नृत्य के नाम से जानते है.

डांडिया डांस में उपयोग की जाने वाली छडें माता दुर्गा की तलवार का प्रतिनिधित्व करती है.

महिलाओं को माता दुर्गा का रूप माना जाता है जिसके कारण ही महिलाएं विशेष परिधानों के साथ साथ 16 श्रृंगार करती है.

जब डांडिया महिला और पुरुष दोनों खेलते है या कहें डांडिया डांस करते है तो वह श्रीकृष्ण की रासलीला को भी प्रस्तुत करते है.

 

डांडिया और गरबा के बीच अंतर :

गरबा हाथ पैर के बीच होने वाली विभिन्न डांस की मुद्राओं की कला है जबकि डांडिया रंगीन सजी हुयी छड़ो के साथ होने वाला नृत्य.

गरबा नृत्य में लोगो की विशेष संख्या की आवश्यकता नहीं होती है. जबकि डांडिया नृत्य में लोगो की भूमिका अहम् होती है.

 

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